नागौर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर समाज की एकजुट आवाज

राजस्थान बिश्नोई समाचार नागौर पर्यावरण संरक्षण और वृक्ष रक्षा को लेकर एक सराहनीय पहल के तहत डॉ. स्वामी सच्चिदानंद जी आचार्य के नेतृत्व में आज नागौर ज़िलाधीश कार्यालय में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं बिश्नोई समाज के प्रतिनिधियों ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश महोदय के माध्यम से राजस्थान सरकार को वृक्ष संरक्षण हेतु सशक्त, प्रभावी और दूरदर्शी क़ानून निर्माण की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा।इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे विषय को गंभीरता से सुना और उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।


डॉ. स्वामी सच्चिदानंद आचार्य जी ने बिश्नोई समाचार को बताया की पेड़ बचेंगे, तभी प्रदेश सुरक्षित और समृद्ध रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज विकास के विरोध में नहीं है, बल्कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट का समर्थक है—ऐसा विकास जो पर्यावरण, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखे।

बिश्नोई समाज, जो सदियों से प्रकृति संरक्षण की मिसाल रहा है, आज भी खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्षों की रक्षा के लिए जागरूकता और संवाद का रास्ता अपना रहा है।
खेजड़ी वृक्ष केवल हरियाली नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, पशुपालन, पर्यावरण संतुलन और लोकजीवन की रीढ़ है। इस पूरे कार्यक्रम में समाज ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण और विकास एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं संवाद और सकारात्मक पहल से ही स्थायी समाधान निकलता है
यह आयोजन प्रदेश में हरित भविष्य की दिशा में एक उम्मीदभरा कदम माना जा रहा है।

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