राजस्थान बिश्नोई समाचार जोधपुर बिश्नोई समाज ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए दो परिवारों के बीच पिछले 55 सालों से चली आ रही रंजिश का अंत करवा दिया है। इस लंबे विवाद के चलते अब तक चार हत्याएं हो चुकी थीं। दोनों परिवार पड़ोसी थे और मामूली विवाद से शुरू हुई यह दुश्मनी दशकों तक बढ़ती चली गई। लङाई दादा से शुरू हुई ओर पोतों तक मामला चलता रहा।
बिश्नोई समाज के पंच बुद्धिजीवी वर्ग ने पहल करते हुए दोनों परिवारों को एक जाजम (बैठक) पर बिठाया और आपसी बातचीत से रंजिश को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।
इस ऐतिहासिक समझौते को समाज में एक नई मिसाल माना जा रहा है। बिश्नोई समाज के बुजुर्गों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि इस पहल से आने वाली पीढ़ियों को आपसी भाईचारे और शांति का संदेश मिलेगा। जोधपुर के खेङी क्षेत्र का मामला था बिश्नोई समाज में साऊ व लेगा जाती के बिच विवाद हुआ था
जिस मामले को प्रशासन नही सुलझा पाया उसको पंच परमेश्वर लोगो ने एक ही दिन मे़ एक जाजम पर बैठा दिया दोनो परिवार को, हालांकि थानों केस भी हुआ कोर्ट से सजा भी हुई आखिर चार व्यक्तियों को खो दिया पर आखिरी फैसला पंचो ने हल कर दिया।
बिश्नोई समाज में आज भी पंच पंचायती जिंदा है समाज के बिच में समाज स्तर सही रास्ता दिखाने में बुजुर्ग सफेद पगड़ी न्याय का रूप है बिश्नोई समाज में यह युवाओं को समझने की आवश्यकता है शांति का प्रतीक है सफेद कपड़ो में वो पंच जो समाज के हितों सोचते रखते है।
यह समझौता न सिर्फ बिश्नोई समाज बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।
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