राजस्थान बिश्नोई समाचार जोधपुर जिले के ओसियां क्षेत्र में RCR Media चैनल के संचालक एवं बेबाक पत्रकार राकेश गोदारा की गिरफ्तारी को लेकर बिश्नोई समाज सहित कई लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।
समर्थकों का आरोप है कि राकेश गोदारा को देर रात बिना किसी पूर्व नोटिस के गिरफ्तार किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है।
समर्थकों का कहना है कि राकेश गोदारा लंबे समय से पश्चिमी राजस्थान में भ्रष्टाचार, अवैध खनन, अवैध वसूली, किसानों की जमीनों से जुड़े विवाद, सोलर कंपनियों की गतिविधियों, फसल बीमा घोटालों तथा सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। RCR Media के माध्यम से लगातार जनहित से जुड़े मामलों को उजागर करने के कारण प्रशासन और कुछ राजनीतिक लोगों में नाराज़गी थी।
आरोप लगाए जा रहे हैं कि राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन ने जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पत्रकार संगठनों और समाज के लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति पर आरोप हैं तो जांच और कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने वाले पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश चिंता का विषय है।
राकेश गोदारा के समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सत्य सामने आना चाहिए और कानून के दायरे में रहकर न्याय होना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी “न्याय मांगता बिश्नोई पत्रकार” और “राकेश गोदारा को न्याय दो” जैसे अभियान तेज़ी से चल रहे हैं।
समर्थकों का कहना है कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज़ उठाने का कार्य आगे भी जारी रहेगा और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए।
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